चेन्नई में पानी के स्त्रोत सूख चुके हैं. चेन्नई शहर अब पानी निकालने के लिए नए ठिकाने ढूंढ रहा है. चेन्नई के
सभी इलाके पानी की कमी से जूझ रहे हैं.
इसकी वजह से नए बोरवेल खोदे जा रहे हैं और पहले से मौजूद बोरवेल को गहरा किया जा रहा है. एक सर्वे के
मुताबिक़ जो कंपनी हर महीने 20-30 बोरवेल चेन्नई में खोदती है, दो महीने के अंदर 40 बोरवेल खोद चुकी है. चेन्नई की चार झीलें सूख चुकी हैं. मई के पहले हफ्ते में ही चेन्नई के जल विभाग चेन्नई मेट्रो वॉटर ने शोलावरम और सेंगुदरम झीलों से पानी लेना बंद कर दिया था और मई के बीच में पूंदी झील से भी पानी मिलना बंद हो गया.
उसके बाद उन्होंने दोबारा प्योरिफाई किया हुआ पानी चेन्नई के बाहरी इलाकों से लेना शुरू किया. अब थोड़ा पानी तमिलनाडु के सिक्किरायापुरम और इरूमैयूर से लिया जा रहा है.
150 लाख लीटर पानी वीरानम झील से निकाला जा रहा है जो तमिलनाडु का बड़ा पानी का स्त्रोत है. चेन्नई जल विभाग ने भी इन्हीं बोरवेल से ज़्यादा पानी निकालने का फैसला किया है.
चेन्नई जल विभाग के अधिकारियों का कहना है, "हम कुछ और स्रोत ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं. अब सिर्फ़ बारिश ही चेन्नई को इस परिस्थिति से बचा सकती है."
पानी की सप्लाई के लिए चेन्नई को 15 भागों में बांटा गया है. ऐसा कहा जाता है कि 880 लाख लीटर पानी इन 15 ज़ोन में सप्लाई किया जाता है लेकिन असल में 650 लाख पानी ही दिया जाता है. चेन्नई के जल विभाग के मुताबिक पानी की कमी के चलते फिलहाल तो 525 लाख लीटर पानी ही भेज पा रहे हैं. लेकिन अगर सप्लाई के दौरान बर्बाद हुए पानी के हिसाब को निकाल दें तो तकरीबन 425-450 लीटर पानी ही लोगों तक पहुंच पा रहा है.
इस वजह से शहर के कई इलाकों में पानी की समस्या बहुत बढ़ गई है. कई जगहों पर पानी के टैंकर से पानी लेते हुए लोगों में झड़प भी कई जगह देखने को मिली.
चेन्नई में कई होटल और रेस्त्रां पानी की कमी की वजह से बंद हैं. चेन्नई मेट्रो में एसी चलने बंद हो गए. कई आईटी फर्म ने अपने कर्मचारियों से घर से ही काम करने को कहा है. लेकिन अब भी स्थिति और बुरी हो सकती है.
आईटी वर्क्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी विनोद कलिगई ने कहा, "आईटी फर्म्स ने घोषणा तो नहीं की है लेकिन जितना संभव हो सके उतने लोगों को घर से काम करने को कहा है. लेकिन घर भी तो पानी पर ही चलते हैं, अब हम क्या करेंगे?"
पानी की कमी का प्रभाव शहर के हर व्यक्ति पर पड़ रहा है. आथिमुलम तमिलनाडु विधानसभा के स्पीकर धनपाल के ड्राइवर हैं. गुरूवार को आथिमुलम और उनकी पड़ोसी में पानी को लेकर झगड़ा हुआ तो आथिमुलम ने किसी नुकीली चीज़ से उन पर वार किया जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
सिर्फ़ चेन्नई ही नहीं, कावेरी की धरती तंजौर में भी यही समस्या है. पानी के चक्कर में ही एक झगड़े के दौरान आनंद बाबू की मौत हो गई.
पुलिस ने बताया, "तंजौर के विलार इलाके में टैंकर से पानी सप्लाई किया जाता है. पानी लेते वक्त आनंद बाबू ने अपने पड़ोसी कुमार को ज़्यादा पानी लेने से मना किया. बात लड़ाई तक जा पहुंची और कुमार ने अपने बेटों के साथ मिलकर आनंद बाबू को पीट दिया. उन्हें गंभीर चोटें आईं और उन्हें जान से हाथ धोना पड़ा."
एक अधिकारी ने बताया, "भूजल स्तर भी कई जगहों पर बिलकुल खत्म हो गया है और लोग चेन्नई जल विभाग पर पानी के लिए निर्भर हैं. इससे स्थिति बदतर हो रही है."
सिर्फ़ चेन्नई नहीं, अप्रैल और मई के महीने में तमिलनाडु के कई ज़िलों में भूजल स्तर बहुत कम हो गया. आंकड़े कहते हैं कि तिरूवन्नामलई में स्तर 0.87 मीटर तक ही रह गया.
चेन्नई जल विभाग पाइप और टैंकरों से पानी की सप्लाई कर रहा है. नौ हज़ार लीटर पानी उससे सप्लाई हो रहा है. लोगों को ये पानी अगर खरीदना भी है तो रजिस्टर करना होगा और 20 दिन के लिए इंतज़ार करना होगा. आगे आगे ये इंतज़ार का वक्त बढ़ता जाएगा.
एक अधिकारी ने बताया, "अभी तो बर्बादी शुरू हुई है. अगर इस साल भी बारिश ने हमें निराश किया तो हम खत्म ही हो जाएंगे."